bikaner-holi-2026

बीकानेर की होली केवल रंगों का त्यौहार नहीं है, बल्कि यह लोक संस्कृति, 'रम्मत' (लोक नाट्य) और 'डोलची मार' जैसी अनोखी परंपराओं का मेल है। यहाँ 23 फरवरी से 3 मार्च तक होने वाले मुख्य कार्यक्रमों का विवरण दिया गया है:

फरवरी के मुख्य आकर्षण


तारीखकार्यक्रम का नामस्थानविवरण
23 फरवरीखेलनी सप्तमीविभिन्न चौकहोली के उत्सवों की शुरुआत।
23-24 फरवरीथंभ पूजनविभिन्न चौकहोली के प्रतीक स्तंभ का पूजन।
24 फरवरी (रात)भांग सम्मेलनमोहता चौकपारंपरिक भंग का प्रसाद और सांस्कृतिक मिलन।
24 फरवरीफागोत्सवबड़ा गोपाल जी मन्दिरराधा-कृष्ण के फाग के गीतों के साथ फूलों की होली।
24 फरवरीफक्कड़दाता रम्मतनत्थूसर गेट (अन्दर)पुरानी परंपराओं पर आधारित लोक नाट्य 'रम्मत'।
26 फरवरी (दोपहर)श्री श्याम फाग महोत्सवलक्ष्मीनाथ जी मन्दिरखाटू श्याम जी के भजनों और गुलाल की होली।
26 फरवरी (रात)भक्त पूर्णमल रम्मतबिस्सा चौकपारंपरिक रम्मत का आयोजन।
26 फरवरीस्वांग मेहरी रम्मतभट्टड़ों का चौककलाकारों द्वारा विभिन्न पात्रों का स्वांग (भेष) रचना।
27 फरवरीव्यास जाति गेरविभिन्न मार्गपारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों के साथ सामूहिक नृत्य।
27 फरवरी (रात)जमनादास कल्ला रम्मतव्यासों का चौकबीकानेर की प्रसिद्ध रम्मतों में से एक।
27 फरवरी (रात)दासी महाराज स्वांग मेहरी रम्मतबारहगुवाड़स्थानीय लोक कला का अद्भुत प्रदर्शन।
28 फरवरीहर्ष-व्यास डोलची खेलहर्षों-व्यासों का चौकबीकानेर की सबसे प्रसिद्ध 'डोलची मार' होली का आयोजन।
28 फरवरी (रात)चंग धमालजस्सूसर गेट (अन्दर)चंग की थाप पर पारंपरिक होली के गीत (फाग)।

मार्च के मुख्य आकर्षण


तारीखकार्यक्रम का नामस्थानविवरण
1 मार्चहोली की बारातसोनारों की गुवाड़व्यंग्यात्मक और हास्य से भरपूर पारंपरिक बारात।
1 मार्च (रात)हड़़ाउ मेहरी रम्मतबारहगुवाड़ चौकरम्मत परंपरा का एक अत्यंत लोकप्रिय भाग।
2 मार्चओझा छंगाणी डोलची खेलबारहगुवाड़पानी की डोलची के साथ परंपरागत मुकाबला।
2 मार्चहोलिका दहनपूरे शहर मेंबुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दहन उत्सव।
3 मार्चधुलण्डी व तणी तोड़नत्थूसर गेटहोली का मुख्य दिन जब रंगों के साथ 'तणी तोड़' की परंपरा होती है।
'Desi Discoveries' देखने वालो के लिए कुछ खास टिप्स:

  • डोलची मार होली: यह बीकानेर की पहचान है। हर्ष और व्यास जातियों के बीच होने वाले इस खेल में पानी की डोलची से पीठ पर प्रहार किया जाता है। इसे 'अद्भुत बीकानेरी कल्चर' के रूप में हाईलाइट करें।

  • रम्मतें: ये केवल नाटक नहीं, बल्कि सदियों पुरानी मौखिक लोक परंपराएं हैं जो पूरी रात (Night Vigil) चलती हैं।

  • फोटोग्राफी: बीकानेर के परकोटे (Old City) के चौकों में होने वाले इन कार्यक्रमों की वाइब बहुत ही जीवंत और कलरफुल होती है।


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