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बीकानेर ऊंट उत्सव का रोमांच हेरिटेज वॉक के साथ खत्म नहीं हुआ, बल्कि असली स्वाद तो अभी शुरू होना था। हेरिटेज वॉक के बाद सभी मेहमान और पर्यटक रानी बाजार स्थित जिला उद्योग संघ परिसर पहुंचे, जहाँ राजस्थान की पारंपरिक 'मान मनुहार' (मेहमाननवाजी) ने सबका दिल जीत लिया।

शाही राजस्थानी थाली: GI टैग वाली सांगरी का स्वाद

पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस प्रीतिभोज में राजस्थान के वो चुनिंदा व्यंजन परोसे गए जो अब दुनिया भर में अपनी पहचान बना चुके हैं:


  • सांगरी की सब्जी: बीकानेर की मशहूर सांगरी, जिसे GI टैग प्राप्त है, इसका स्वाद सबसे लाजवाब था।

  • पारंपरिक मेल: गर्मागर्म दाल-बाटी-चूरमा के साथ पारंपरिक खिचड़ा और पतोल की सब्जी।

  • खास रायता: चटपटा फोगले का रायता, जो पाचन और स्वाद दोनों में बेमिसाल है।

  • स्थानीय रंग: स्वाद से भरपूर बड़ी की सब्जी ने थाली को पूरा किया।

देसी और विदेशी पर्यटकों को जमीन पर बैठकर राजस्थानी अंदाज में भोजन करते देखना संस्कृति के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता था।

लाइव भुजिया और स्थानीय स्टॉल्स

बीकानेर मतलब भुजिया! यहाँ बिशन लाल बाबूलाल भुजिया वालों की स्टाल पर लाइव भुजिया बनते देखना एक अनोखा अनुभव था।


  • लाइव काउंटर: कड़ाही से निकलते गर्मागर्म भुजिया को जब पर्यटकों ने चखा, तो वे इसके दीवाने हो गए।

  • मसाला पापड़ और ऊन: खाने के साथ-साथ यहाँ ऊन से बने हस्तशिल्प और तीखे मसाला पापड़ की स्टॉल्स पर भी काफी भीड़ रही।

खास मेहमान: केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल



इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल जी ने। उन्होंने न केवल बीकानेरी जायके का लुत्फ उठाया, बल्कि यहाँ की संस्कृति और हस्तशिल्प की जमकर तारीफ भी की।

Desi Discoveries Note: बीकानेर का खाना सिर्फ पेट नहीं भरता, बल्कि रूह को तृप्त कर देता है। इसीलिए तो कहते हैं—बीकानेर का खाना, पूरी दुनिया में दीवाना!