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बीकानेर ऊंट उत्सव का पहला दिन अपनी शाम के साथ और भी हसीन हो गया। धरणीधर मैदान की दूधिया रोशनी में जब बीकानेर की संस्कृति और फैशन का मिलन हुआ, तो नजारा देखने लायक था। यहाँ हुआ राजस्थान की शान और पहचान का मुकाबला !

मिस मरवण: 40 युवतियों का राजस्थानी अंदाज़


'मिस मरवण' प्रतियोगिता में करीब 40 से ज्यादा युवतियों ने भाग लिया। सिर पर ओढ़नी, पारंपरिक आभूषण और चाल-ढाल में राजस्थानी नजाकत ने दर्शकों का दिल जीत लिया। यह सिर्फ एक ब्यूटी कॉन्टेस्ट नहीं, बल्कि बीकानेर की मर्यादा और कला का प्रदर्शन था।

मिस्टर बिकाणा: मूंछों और मर्दानगी का जलवा

वहीं दूसरी ओर, 'मिस्टर बिकाणा' के लिए मुकाबला बीकानेर के रोबीलों के बीच था। लंबी और घुमावदार मूंछें, चेहरे पर रौब, राजस्थानी वेशभूषा और वो शानदार दाढ़ी—हर युवा बीकानेर के प्राचीन गौरव की याद दिला रहा था। उनकी चाल-ढाल में वो जोश था जो बीकानेर के योद्धाओं की याद दिलाता है।

ढोला-मारु: प्रेम और परंपरा की कहानी

राजस्थान की अमर प्रेम कहानी 'ढोला-मारु' के रूप में कपल्स ने भाग लिया। सजे-धजे जोड़ों ने अपनी केमिस्ट्री और राजस्थानी संस्कृति को मंच पर जीवंत कर दिया।


बैंड कॉम्पिटिशन: संगीत का जादू

इन सबके बीच बीकानेर के स्थानीय बैंड्स के बीच एक जबरदस्त मुकाबला हुआ। जब बैंड की धुनें गूंजी, तो धरणीधर मैदान का हर कोना संगीत के सुरों में डूब गया।