नमस्ते दोस्तों! Desi Discoveries की इस कड़ी में आज हम बात करेंगे बीकानेर ऊंट उत्सव के सबसे रोमांचक दिन की। 10 जनवरी की सुबह उत्सव का केंद्र रहा 'राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र' (NRCC) या कैमल फार्म। अगर आप ऊंटों की असली शक्ति और कला देखना चाहते हैं, तो यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है।

कैमल मिल्क टी और अनोखी स्टॉल्स
दिन की शुरुआत हुई कैमल फार्म में लगी विशेष स्टॉल्स के साथ। यहाँ ऊंट के चमड़े से बने बेहतरीन उत्पाद जैसे मोजड़ी, बेल्ट और टोपियाँ आकर्षण का केंद्र थीं। लेकिन सबसे ज्यादा भीड़ रही खाने-पीने की स्टॉल्स पर, जहाँ पर्यटकों ने ऊंट के दूध की चाय, कुल्फी और आइसक्रीम का लुत्फ उठाया। विदेशी पर्यटकों के लिए यह एक बिल्कुल नया और यादगार अनुभव था।
मेन हाइलाइट्स: जब ऊंटों ने दिखाए करतब
कैमल फार्म के रेतीले मैदान में आयोजित प्रतियोगिताओं ने सबका दिल जीत लिया:
कैमल रेस (Camel Race): बीकानेर के आसपास के गांवों से आए ग्रामीण अपने सबसे तेज ऊंटों के साथ मैदान में उतरे। धूल उड़ाते और तेज रफ्तार से दौड़ते ऊंटों को देखना रोंगटे खड़े कर देने वाला पल था।

कैमल डेकोरेशन (ऊंट श्रृंगार): राजस्थान में ऊंट को परिवार का हिस्सा माना जाता है। इस प्रतियोगिता में ऊंटों को रंग-बिरंगे गहनों, कशीदाकारी वाले कपड़ों और मोतियों से सजाया गया था। जब ये सजे-धजे ऊंट वॉक करते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे रेगिस्तान के जहाज ने शाही लिबास पहन लिया हो।

कैमल स्टंट्स (Hert-Stopping Stunts): यह इस फेस्टिवल का सबसे डरावना और हैरतअंगेज हिस्सा था। कलाकारों ने ऊंटों से बाल्टी उठवाई, और कुछ जांबाज तो ऊंट की पीठ पर खड़े होकर नाचते दिखे। सबसे ज्यादा रोमांच तब बढ़ा जब एक कलाकार ने ऊंट के मुंह में अपनी गर्दन रख दी! यह देखकर दर्शकों की सांसें थम गईं।

कैमल फर कटिंग (Camel Fur Cutting): यह सिर्फ कटिंग नहीं, बल्कि बेहतरीन आर्ट है। कलाकार 1-2 महीने की कड़ी मेहनत से ऊंट के शरीर पर सिर्फ एक कैंची की मदद से देवी-देवताओं के चित्र, चेहरे और स्लोगन उकेरते हैं। यह हाथ की कलाकारी बीकानेर के कैमल फेस्टिवल को पूरी दुनिया में 'अदभुत' बनाती है।
